राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पालमपुर के विलय के निर्णय को प्रदेश सरकार द्वारा निरस्त (रद्द) किए जाने के ऐतिहासिक फैसले का स्थानीय छात्रों, अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) और शैक्षणिक स्टाफ ने पुरजोर स्वागत किया है। इस संवेदनशील निर्णय के लिए सभी हितधारकों ने प्रदेश सरकार और स्थानीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है।
अभिभावकों और एसएमसी पदाधिकारियों ने कहा कि स्थानीय विधायक आशीष बुटेल के निरंतर प्रयासों के चलते ही यह जनहित का मामला सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठ पाया। उन्होंने मामले की गंभीरता और जनभावनाओं को समझते हुए त्वरित राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
संस्थान की प्रधानाचार्या रितु जम्वाल ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विधायक आशीष बुटेल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्कूल का विलय रुकने और इसे हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधीन बनाए रखने से विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं ने राहत की सांस ली है। इस फैसले के बाद अब इस विद्यालय का स्वरूप सह-शिक्षाका होगा, जिससे क्षेत्र के छात्रों को भी इस प्रतिष्ठित संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। यह उन विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा संबल है जो राज्य शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम के तहत ही अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते थे।
उल्लेखनीय है कि यह शिक्षण संस्थान पालमपुर क्षेत्र के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक स्कूलों में से एक है। लगभग डेढ़ सदी (150 वर्ष) पुराने इस विद्यालय का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है, जिसने क्षेत्र की कई पीढ़ियों को शिक्षित और संस्कारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार के इस कदम से न केवल इस धरोहर संस्थान का अस्तित्व सुरक्षित हुआ है, बल्कि इसका शैक्षणिक दायरा भी अब पहले से अधिक विस्तृत होगा।