उपमंडलाधिकारी बैजनाथ संकल्प गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में ट्रेकिंग के दौरान लोगों के फंसने, लापता होने व हादसों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन कांगड़ा ने ट्रेकिंग पर जाने वाले व्यक्तियों एवं समूहों के लिए पंजीकरण एवं चेक पोस्ट से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। यह निर्णय जिला दंडाधिकारी कांगड़ा हेमराज बैरवा द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30 के तहत जारी आदेशानुसार लिया गया है।
उन्होंने बताया कि मानसून सीजन में भूस्खलन, अचानक पानी का बहाव, कम दृश्यता एवं फिसलन भरी पगडंडियों के कारण ट्रेकिंग रूट्स पर जोखिम बढ़ जाता है। इन परिस्थितियों में ट्रेकर्स एवं बचाव दल दोनों की सुरक्षा एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा द्वारा चिन्हित दस ट्रेकिंग रूट्स पर प्रतिदिन प्रातः 5 बजे से सायं 5 बजे तक आपदा प्रबंधन चेक पोस्ट स्थापित किए जाएंगे। उपमंडल बैजनाथ के अंतर्गत आने वाले थमसर एवं जालसू ट्रैकिंग पास सहित सभी 2500 से 3000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले पास में भी चेकपोस्ट स्थापित किए जाएंगे जहां ट्रेक पर जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति एवं समूह को ट्रेक प्रारंभ करने से पूर्व चेक पोस्ट पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही ट्रेक का विस्तृत रूट प्लान, संपर्क विवरण एवं अनुमानित वापसी का समय भी जमा करवाना आवश्यक होगा।
एसडीएम ने बताया कि कोई भी व्यक्ति या समूह बिना पंजीकरण या निर्धारित रूट से भटक कर किसी अन्य मार्ग पर जाने पर या किसी हादसे में फंसने की स्थिति में उनके बचाव कार्य में आने वाला संपूर्ण खर्च संबंधित व्यक्ति अथवा समूह से वसूला जाएगा। इसके अलावा आदेश की अवहेलना करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी तथा यह आदेश 15 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
उपमंडलाधिकारी ने ट्रेकिंग पर जाने वाले सभी नागरिकों एवं पर्यटकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर अपनी एवं अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।