गगरेट (राम प्रकाश) :- नगर पंचायत गगरेट में छह पार्षद होने के बावजूद भाजपा समर्थित उम्मीदवार के अध्यक्ष पद का चुनाव हारने के बाद पार्टी के भीतर सियासी घमासान तेज हो गया है। चुनाव परिणाम के बाद आयोजित बैठक में भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा खुलकर सामने आया। कार्यकर्ताओं ने कथित भीतरघात के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। इस अवसर पर पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा पार्टी के भीतर अनुशासन एवं संगठन की मजबूती पर जोर दिया। लेकिन लगातार भीतरघात होने के कारण पूर्व विधायक एवम प्रदेश भाजयुमो उपाध्यक्ष चैतन्य शर्मा ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ लोगों ने निजी स्वार्थों और व्यक्तिगत संबंधों को संगठन से ऊपर रखा, जिसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब पार्टी को कथित भीतरघात का सामना करना पड़ा हो। नगर पंचायत गगरेट में भाजपा के छह पार्षद होने के बावजूद अध्यक्ष पद कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के खाते में जाने के बाद क्षेत्र की राजनीति में सियासी भूचाल आ गया है। इस घटनाक्रम के बाद पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी के भीतर कथित भीतरघात करने वाले नेता पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने वाले ऐसे लोग अब कांग्रेस की टीम-बी के रूप में कार्य करना बंद करें। साथ ही उन्होंने भाजपा हाईकमान से ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग भी उठाई।
चैतन्य शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के विधानसभा उपचुनाव में संबंधित नेता ने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में तन, मन और धन से कार्य किया। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि उक्त नेता ने अपना एक निजी सहयोगी (पीए) भी कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में लगाया, जो अब भी नगर पंचायत गगरेट में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान विशेष दूत के रूप में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में सक्रिय रहा तथा कथित क्रॉस वोटिंग में अहम भूमिका निभाई।
पूर्व विधायक चैतन्य ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार संबंधित नेता ने पहले नगर पंचायत दौलतपुर चौक में भी क्रॉस वोटिंग करवाई। इसके बाद बीडीसी चुनाव में भाजपा के पास 20 में से 14 सदस्य होने के बावजूद कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को चेयरमैन बनाने में भूमिका निभाई। अब नगर पंचायत गगरेट में भाजपा के छह पार्षद होने के बावजूद अध्यक्ष पद कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के खाते में जाने से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट गया है।
चैतन्य शर्मा ने कहा कि भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता दिन-रात संगठन को मजबूत करने में जुटा रहता है, लेकिन कुछ लोग निजी स्वार्थ और व्यक्तिगत रिश्तों के कारण पार्टी हितों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बहुमत होने के बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद कैसे हार गई और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी। चैतन्य शर्मा ने कहा किगगरेट में पार्षद जनक और पार्षद सरोज कुमारी लंबे समय से भाजपा के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं इन्होंने क्रॉस वोटिंग की । वास्तविक और गंभीर विषय यह है कि पिछले तीन चुनावों — पहले दौलतपुर, फिर बीडीसी और अब गगरेट नगर पंचायत — में गगरेट भाजपा के तथाकथित नेतृत्व में बैठे जो पालमपुर के प्रभारी भी बने बैठे है, ने लगातार ऐसे लोगों को प्रभावित कर पार्टी विरोधी परिणाम करवाने का प्रयास किया गया है।उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति द्वारा अपने पद, प्रभाव और संगठनात्मक पहचान का दुरुपयोग कर नीचे के स्तर पर कार्यकर्ताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को भाजपा के विरुद्ध भ्रमित या प्रभावित करना संगठन के अनुशासन, निष्ठा और विश्वसनीयता के लिए अत्यंत गंभीर विषय है।इसलिए कार्रवाई केवल उन व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए जो सामने से मुखौटा बने हुए हैं या किसी और के हाथों की कठपुतली की तरह उपयोग किए जा रहे हैं। यदि समस्या को वास्तव में जड़ से समाप्त करना है, तो भाजपा उच्च नेतृत्व को उस विशेष व्यक्ति के विरुद्ध कठोर और स्पष्ट कार्रवाई करनी होगी, जो बार-बार संगठन को भीतर से कमजोर करने, कार्यकर्ताओं को भ्रमित करने और अपने पद का दुरुपयोग कर पार्टी विरोधी परिस्थितियां पैदा करने का कार्य कर रहा है। चैतन्य शर्मा ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को समय रहते रोका जाना आवश्यक है, अन्यथा भविष्य में भी वह अपने प्रभाव और पद का दुरुपयोग कर संगठन को भीतर से नुकसान पहुंचाता रहेगा जिसका असर 2027 में भाजपा को हार के रूप में दिखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं में इस घटनाक्रम को लेकर भारी नाराजगी है और वे भाजपा हाईकमान से कथित भीतरघातियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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चैतन्य शर्मा ने कहा कि संगठन सर्वोपरि है और पार्टी हितों के साथ समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
चैतन्य शर्मा ने कहा कि समर्पित कार्यकर्ता वर्षों से पार्टी को मजबूत बनाने के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की गतिविधियां पूरे संगठन की मेहनत पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने भाजपा हाईकमान से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की।
बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी नेतृत्व से मांग की कि यदि समय रहते कथित भीतरघात पर अंकुश नहीं लगाया गया तो इससे संगठन को भविष्य में और नुकसान उठाना पड़ सकता है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पार्टी के प्रति निष्ठावान लोगों का मनोबल बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाना जरूरी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नगर पंचायत गगरेट के अध्यक्ष पद का चुनाव अब केवल स्थानीय निकाय का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसने भाजपा की स्थानीय राजनीति में चल रही अंदरूनी खींचतान को भी खुलकर सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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