प्रधानमंत्री आवास योजना की सहायता राशि बढ़ाकर 3 लाख 63 हजार रुपये करने की मांग: विक्रम ठाकुर

Prince Kumar
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विधानसभा सदन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत हिमाचल प्रदेश के पात्र परिवारों को मिलने वाली आवास सहायता राशि में बढ़ोतरी का संकल्प प्रस्तुत करते हुए विधायक विक्रम सिंह ठाकुर ने प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों, महंगाई और निर्माण सामग्री की लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए सहायता राशि को बढ़ाकर 3 लाख 63 हजार रुपये तक करने की मांग उठाई।

विक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल ईंट और सीमेंट की योजना नहीं है, बल्कि गरीब परिवार के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है। हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में वर्तमान सहायता राशि से एक गरीब परिवार के लिए सुरक्षित और टिकाऊ मकान बनाना बेहद मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र की ओर से वर्तमान में करीब 1.30 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है, जबकि प्रदेश सरकार की ओर से भी अतिरिक्त सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद आज निर्माण सामग्री और मजदूरी की बढ़ती लागत के कारण यह राशि पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से प्रदेश में वास्तविक रूप से मिलने वाली सहायता राशि और लंबित भुगतान की स्थिति को भी स्पष्ट करने का आग्रह किया।

विक्रम ठाकुर ने सदन में कहा कि वर्तमान समय में सीमेंट की कीमत लगभग 380 से 450 रुपये प्रति बोरी, ईंटों की कीमत लगभग 7,000 से 9,000 रुपये प्रति हजार, सरिया/टीएमटी की कीमत करीब 60,000 रुपये प्रति टन तथा मजदूरी लगभग 450 से 600 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। इसके अतिरिक्त हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में निर्माण सामग्री को दूरदराज के गांवों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक पहुंचाने में परिवहन लागत भी काफी अधिक आती है।

उन्होंने कहा कि जब इन सभी खर्चों को जोड़कर मकान निर्माण का वास्तविक अनुमान लगाया जाता है तो वर्तमान आवास सहायता से एक गरीब परिवार के लिए अपना घर पूरा करना संभव नहीं रह जाता। विशेष रूप से भूमिहीन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवारों के सामने यह समस्या और गंभीर है।

विक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्धारित मॉडल के आधार पर निर्माण लागत का आकलन किया गया है, लेकिन वर्तमान बाजार दरों में वास्तविक निर्माण खर्च काफी बढ़ चुका है। इसलिए केंद्र सरकार को हिमाचल प्रदेश की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सहायता राशि की समीक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री से आग्रह किया कि सदन में रखे गए इस संकल्प को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार को प्रभावी प्रस्ताव भेजा जाए तथा हिमाचल प्रदेश के पात्र परिवारों के लिए आवास सहायता राशि को बढ़ाकर 3 लाख रुपये तक करने की पैरवी की जाए।

उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को केवल योजना में मकान स्वीकृत होने से लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें मकान पूरा करने के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता भी मिलनी चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदेश का कोई भी पात्र गरीब परिवार धन की कमी के कारण अपने सपनों का सुरक्षित घर बनाने से वंचित न रहे।

विक्रम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के गरीब परिवारों को मजबूत और सम्मानजनक आवास उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए केंद्र के समक्ष प्रदेश की वास्तविक परिस्थितियों को मजबूती से रखा जाना आवश्यक है।

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