राजकीय फार्मेसी महाविद्यालय सेराज में राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन

Prince Kumar
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राजकीय फार्मेसी महाविद्यालय, सेराज में शनिवार को “फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नवीन दृष्टिकोण अवधारणा से समाज तक” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के निदेशक-सह-प्राचार्य प्रो. राजू एल. के उद्घाटन संबोधन से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथियों, विशिष्ट वक्ताओं तथा प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता और इसके सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला।
संगोष्ठी में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। आईएचबीटी, पालमपुर के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. महेश गुप्ता ने “न्यूट्रास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य का भविष्य: विज्ञान से स्टार्टअप तक” विषय पर व्याख्यान दिया। वहीं डॉ. दमनप्रीत सिंह, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक आईएचबीटी, पालमपुर ने “तंत्रिका विज्ञान में तैराकी: मस्तिष्क अनुसंधान और औषधि खोज में ज़ेब्राफ़िश मॉडल” विषय पर अपने विचार साझा किए।
दिल्ली फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनूप कुमार ने फार्माकोलॉजी में Artificial Intelligence के उपयोग पर प्रकाश डाला। इसी विश्वविद्यालय के डॉ. देवेश तिवारी ने “हिमालयी जैवसंसाधनों का अन्वेषण और उनका ट्रांसलेशनल थेरेप्यूटिक्स के लिए उन्नत ड्रग डिलीवरी सिस्टम में एकीकरण” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रो. अमर सिंह, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर और मंडी के वरिष्ठ अर्थशास्त्री; श्री एस.एस. कश्यप, मंडल वन अधिकारी, नाचन; डॉ. कमल कांत, ड्रग्स इंस्पेक्टर, सरकाघाट; तथा आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की साध्वी अमृता उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने महाविद्यालय द्वारा इस प्रकार के महत्वपूर्ण शैक्षणिक आयोजन के लिए सराहना की और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
इसके अतिरिक्त (लेफ्टिनेंट) डॉ. विनीत मेहता, सहायक प्रोफेसर, राजकीय फार्मेसी महाविद्यालय रोहड़ू; डॉ. प्रतीक शर्मा एवं डॉ. नवदीप सिंह, सहायक प्रोफेसर, राजकीय फार्मेसी महाविद्यालय रक्कड़ भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस संगोष्ठी में लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें 11 छात्रों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए।
कार्यक्रम का समापन आयोजन सचिव डॉ. मोहित विज, सहायक प्रोफेसर द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने तकनीकी शिक्षा निदेशक, सुंदरनगर, हिमाचल प्रदेश सरकार का प्रशासनिक मार्गदर्शन एवं वित्तीय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सदस्यों का धन्यवाद किया।
उन्होंने संयुक्त आयोजन सचिव डॉ. तारापति राणा, तथा आयोजन समिति के सदस्य , श्री बलबीर सिंह, डॉ. लच्छमन सिंह, डॉ. स्वाति मोदगिल, श्रीमती सुरभि गौतम, गैर-शिक्षण कर्मचारी एवं छात्र स्वयंसेवकों के योगदान की भी सराहना की, जिनके सहयोग से यह संगोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

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