कजाकिस्तान की कठिन वादियों में दौड़े गोकुल बुटेल, 21.1 KM की हाफ मैराथन पूरी कर युवाओं को दिया फिटनेस का मंत्र

Prince Kumar
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मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (डिजिटल प्रौद्योगिकी, नवाचार और शासन) गोकुल बुटेल ने फिटनेस और दृढ़ इच्छाशक्ति की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। उन्होंने कजाकिस्तान के प्रमुख शहर अल्माटी में आयोजित प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय हाफ मैराथन में हिस्सा लिया और 21.1 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण दौड़ सफलतापूर्वक पूरी की। इस उपलब्धि के बाद उन्होंने प्रदेश के युवाओं के नाम एक विशेष संदेश जारी कर उन्हें नशे से दूर रहने और खेलों से जुड़ने की अपील की है।

भौगोलिक चुनौतियों को किया पार अल्माटी की यह मैराथन अपने मुश्किल ट्रैक के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। यह शहर मध्य एशिया की ऐतिहासिक ट्रांस-इली अलाताउ पर्वत शृंखला के पास बसा है। इस दौड़ का रूट दक्षिण के ऊंचे और खड़े पहाड़ी रास्तों से शुरू होकर उत्तर के मैदानी इलाकों की तरफ ढलान में जाता है, जो धावकों के शारीरिक और मानसिक संतुलन की कड़ी परीक्षा लेता है। गोकुल बुटेल ने इस कठिन भौगोलिक चुनौती को पार करते हुए रेस पूरी की।

युवाओं से अपील: नशे से रहें दूर, स्वास्थ्य के प्रति हों सजग रेस पूरी करने के बाद गोकुल बुटेल ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा कि खेल और शारीरिक गतिविधियां सिर्फ शरीर को ही तंदुरुस्त नहीं रखतीं, बल्कि यह इंसान को मानसिक रूप से भी फौलादी बनाती हैं। उन्होंने युवा वर्ग से आह्वान किया कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और समाज में फैल रहे नशे व अन्य सामाजिक बुराइयों से पूरी तरह दूर रहें।

परोपकार और बदलाव का प्रतीक है अल्माटी मैराथन मैराथन के सामाजिक पहलू पर प्रकाश डालते हुए बुटेल ने बताया कि यह आयोजन महज़ एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि समाज में समावेशिता और सकारात्मक बदलाव का एक बड़ा मंच है।

  • इसका आयोजन ‘करेज टू बी फर्स्ट कॉर्पोरेट फाउंडेशन’ द्वारा किया जाता है।

  • इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है।

  • आयोजकों द्वारा मैराथन की एंट्री फीस का एक बहुत बड़ा हिस्सा विशेष आवश्यकता वाले (स्पेशल नीड्स) बच्चों के लिए खेल बुनियादी ढांचा तैयार करने और अन्य चैरिटी प्रोजेक्ट्स में दान किया जाता है।

गोकुल बुटेल ने अपने संदेश के अंत में कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से प्रेरणा लेकर युवाओं को भी सकारात्मक सोच के साथ खेलकूद से जुड़ना चाहिए, ताकि एक स्वस्थ, फिट और मजबूत समाज का निर्माण हो सके।

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