नगर पंचायत अंब के आंगनबाड़ी केंद्र अंब-5 में शनिवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मोनिका कुमारी की अध्यक्षता में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के 6 माह से 6 वर्ष तक के 39 बच्चों की लंबाई के अनुसार वजन मापा गया। राहत की बात यह रही कि मापांकन में सभी बच्चे शारीरिक रूप से सामान्य और पूर्णतः तंदुरुस्त पाए गए।
इस अवसर पर उपस्थित बच्चों के अभिभावकों को संबोधित करते हुए मोनिका कुमारी ने 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक मनाए जा रहे ‘अंतरराष्ट्रीय पोषण माह’ के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पोषण माह की थीम के अनुसार केंद्र में लगातार विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
स्वच्छ पोषाहार और मोटे अनाज पर जोर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि सही पोषण का सीधा संबंध साफ-सुथरे आहार से है। स्वस्थ जीवन के लिए हमें अपने दैनिक भोजन में ज्यादा से ज्यादा हरी पत्तेदार सब्जियों और पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाज—जैसे रागी, बाजरा, मक्का, कंगनी और अंकुरित दालों—को प्रचुर मात्रा में शामिल करना चाहिए।
किचन गार्डन और जैविक खेती का संदेश मानसून के मौसम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई ग्रामीण अपने घरों में बिना कीटनाशक के सब्जियाँ उगा रहे हैं, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं। उन्होंने अभिभावकों को आगामी मौसम में अपने घर की बगीची (किचन गार्डन) में मूली, गाजर, शलजम, पालक, चुकंदर और हरा धनिया उगाने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि घर में उगाई गई सब्जियां रसायनमुक्त और शुद्ध होती हैं।
अंत में उन्होंने सभी माता-पिता से आग्रह किया कि वे इस पोषण माह को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग दें और “सही पोषण, देश रोशन” के संकल्प को साकार करें।
