हिमाचल प्रदेश पुलिस की उत्तरी रेंज (धर्मशाला) स्थित साइबर क्राइम यूनिट ने संगठित डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए गए एक विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की टीमों ने अंतर-राज्यीय कार्रवाई करते हुए कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में साइबर अपराध के पांच अलग-अलग मामलों से जुड़े ₹14.70 लाख की नकदी भी जब्त की गई है।
तीन SIT गठित कर 4 राज्यों में छापेमारी
साइबर गिरोह के इस जाल को तोड़ने के लिए पुलिस ने तीन विशेष जांच टीमों (SIT) का गठन किया था। इन टीमों ने संबंधित राज्यों की स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर समन्वित छापेमारी की और आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई।
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बेंगलुरु से गिरफ्तारी: मई 2026 में सामने आए ₹32 लाख के फर्जी निवेश घोटाले के मामले में पुलिस ने बेंगलुरु से अबू सालिया को अरेस्ट किया है। इसके पास से ₹7 लाख की राशि बरामद हुई।
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दिल्ली से पकड़ा गया आरोपी: मार्च 2024 के ₹8 लाख के निवेश फ्रॉड केस में दिल्ली की रहने वाली निशा को गिरफ्तार किया गया है, जिससे ₹5 लाख बरामद किए गए।
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आगरा से महिला गिरफ्तार: ₹50 लाख की धोखाधड़ी से जुड़े एक अन्य मामले में उत्तर प्रदेश के आगरा से राज कुमारी को पकड़ा गया। पुलिस ने इसके पास से ₹2.70 लाख की रिकवरी की है।
इसके अलावा, वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस ने पूर्वी दिल्ली और आगरा के तीन अन्य बैंक खाताधारकों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत कानूनी नोटिस जारी किए हैं। जांच अधिकारी फिलहाल पूरे ‘मनी ट्रेल’ (पैसे के लेन-देन के तरीके) को खंगाल रहे हैं ताकि गिरोह के बाकी साथियों तक भी पहुंचा जा सके।
पुलिस महानिदेशक की जनता से सतर्क रहने की अपील
मामले की जानकारी देते हुए हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने बताया कि साइबर अपराधी इन दिनों डिजिटल अरेस्ट, फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम और संदिग्ध फिशिंग लिंक के ज़रिए आम लोगों को चूना लगा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों को आगाह किया कि:
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किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पैसे लगाने से पहले उसकी प्रामाणिकता जरूर जांचें।
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अपना ओटीपी, पासवर्ड या कोई भी गोपनीय वित्तीय जानकारी कभी किसी से साझा न करें।
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साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं, ताकि ठगी की राशि को समय रहते ब्लॉक किया जा सके।
