युवाओं की खेलों में बढ़ेगी भागीदारी,तो नशे से रहेंगे दूर

Prince Kumar
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खेल ही वह सशक्त माध्यम हैं, जो युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखकर एक स्वस्थ, अनुशासित और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करते हैं।प्रेस वार्ता में अंतर्राष्ट्रीय हिंदू सेवा संघ के प्रदेशाध्यक्ष विनोद शर्मा ने युवाओं से आग्रह किया कि वे खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, शिक्षा और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ें तथा अपने परिवार, गाँव और प्रदेश का नाम रोशन करें। मेरा दृढ़ विश्वास है कि जो युवा मैदान में पसीना बहाता है, वह कभी नशे की गिरफ्त में नहीं आता।युवाओं का उत्साहवर्धन करने तथा भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी खेल आयोजनों को निरंतर बढ़ावा मिले ऐसे प्रयास सरकार को करने चाहिए।शर्मा ने कहा कि नशा हमारे समाज की एक जटिल समस्या बन चुका है, जो दिन-प्रतिदिन और गहरी होती जा रही है। यह न केवल एक व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी गहरा प्रभाव डालता है। नशा, चाहे वह शराब, सिगरेट, ड्रग्स, या डिजिटल नशा हो, व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बर्बाद करता है। यह समस्या समाज के हर वर्ग में देखी जा सकती है, चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी।नशा मुक्ति समाज की एक गंभीर और आवश्यक चुनौती है, जो न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बल्कि उसके पारिवारिक और आर्थिक जीवन पर भी गहरा प्रभाव डालती है। नशे की लत व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोर बनाकर उसे समाज से अलग-थलग कर देती है। इसके कारण मुंह का कैंसर, लीवर फेल होना, फेफड़ों और हृदय से संबंधित बीमारियाँ जैसे गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो सकते हैं। नशा मुक्ति के लिए शिक्षा, जागरूकता और उचित मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है।
इसके साथ ही, सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों की सक्रिय भागीदारी से जनजागरूकता और सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित किया जा सकता है। नशे से मुक्ति पाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है, जो सामूहिक समृद्धि, सुरक्षा और सामाजिक शक्ति को मजबूती देगा।

आगे विनोद शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार को नशे को रोकने के लिए उनके द्वारा समय समय पर कई सुझाव पत्र भेजें जाते है। जिसे स्वीकार करते हुए सरकार कई निर्देश जारी करती है।परन्तु अफसोस धरातल पर कई अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं लेते।जिस कारण जो परिणाम आने चाहिए़ वह नहीं आते।हालांकि कई अधिकारी इस पर अच्छा कार्य कर रहें है।शर्मा ने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों, पंचायत स्तर पर,ब्लॉक स्तर पर जिला स्तर पर और राज्य स्तर पर नशे के खिलाफ एक सयुक्त जनसहभागिता कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए।शर्मा ने कहा कि इसके लिए वह राज्यपाल और मुख्यमंत्री से पत्राचार के साथ खुद भी मिलेंगे।

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