आडवाणी जी के उम्र और स्वास्थ्य का उपहास मंत्री का घटियापन, माँगे माफी : राकेश जम्वाल

Prince Kumar
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शिमला से जारी बयान में हिमाचल प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदर नगर से विधायक राकेश जम्वाल ने राजस्व मंत्री जगत नेगी पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपने उम्र और गरिमा का ख्याल रखना चाहिए और अपने विभागीय कामकाज पर ध्यान देना चाहिए। जगत नेगी द्वारा प्रदेश के राज्यपाल रहे शिव प्रताप शुक्ल के बारे में की गई टिप्पणी बेहद अशोभनीय और मर्यादाहीन है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की लालकृष्ण आडवाणी के साथ दिखाई गई फोटो पर भी उनकी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के उम्र और स्वास्थ्य का मजाक उड़ाया या किसी भी प्रकार से महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हुए व्यक्ति का काम नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि जगत नेगी को पता ही नहीं है कि भारत रत्न का सम्मान देते समय सिर्फ राष्ट्रपति और जिन्हें सम्मान दिया जाना है वही खड़े रहते हैं बाकी सब बैठे रहते हैं। यह निर्धारित प्रोटोकॉल है। 98 साल के बुजुर्ग लाल कृष्ण आडवाणी जी यदि अपने स्वास्थ्य कारणों की वजह से खड़े नहीं हो सकते तो उसका उपहास उड़ाना किसी भी व्यक्ति के मानसिक दिवालियापन को ही दर्शाता है। राकेश जम्वाल ने कहां की कांग्रेस की सरकार में गांधी नेहरू परिवार से होना ही भारत रत्न पाने की काबिलियत थी और खुद को ही भारत रत्न देने की परंपरा थी। इसी कारण स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू और स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते ही खुद को भारत रत्न से नवाज लिया था। जबकि देश के विकास में अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों को भारत रत्न के लायक नहीं समझा गया था। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को भी भारत रत्न 1990 में तब मिला जब केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से सरकार आई। इसलिए कांग्रेस के नेताओं को भारत रत्न के बारे में एक भी शब्द कहने का अधिकार नहीं है।
राकेश जम्वाल ने सोलन में जगत नेगी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उन मित्रों पर नजर रखने की जरूरत है जो धारा 118 की आड़ में हिमाचल प्रदेश को बेचने की डीलिंग कर रहे हैं। जिनके बारे में राजस्व मंत्री को जानकारी भी है। उन्हें प्रदेश के हितों के लिए काम करना चाहिए विपक्ष को कोसने से प्रदेश का भला नहीं होगा।
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