पशु पालकों के हितों को सुरक्षित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता- आशीष बुटेल

Prince Kumar
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पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल ने कहा है कि प्रदेश में पशुपालकों के हितों को सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। पशु पालकों को उन्नत नस्ल की किस्में सरकार की ओर से वितरित करना हो या पशु उत्पादों पर उचित समर्थन मूल्य प्रदान करना हो, वर्तमान सरकार ने इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। दूध के समर्थन मूल्य और अन्य उत्पादों पर सरकार द्वारा जारी समर्थन मूल्य इसका जीवंत उदारहण है।

विधायक ने चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर द्वारा आज बकरी नुस्ल सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत परियोजना से जुड़े प्रवासी पशुपालक किसानों को उन्नत गद्दी नस्ल के 20 बकरे वितरित किए। इस दौरान उन्होंने उक्त बातें कही।

उन्होंने कहा कि यह पहल हिमालयी क्षेत्र में स्थानीय पशुधन प्रणालियों को सशक्त बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस वितरण के साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2010 से अब तक 300 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले प्रजनन बकरे उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिससे आनुवंशिक सुधार, झुंड की उत्पादकता में वृद्धि और गद्दी पशुपालक समुदायों की आजीविका में सुधार सुनिश्चित हुआ है।

उन्होंने विधायक निधि से पशु पालकों को इलेक्ट्रिक शियरिंग मशीन प्रदान करने के लिए उचित कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर कुलपति डॉ. ए. के. पांडा ने कहा कि वैज्ञानिक प्रजनन हस्तक्षेपों के माध्यम से स्थानीय नस्लों के प्रदर्शन को बेहतर बनाया जा सकता है, जिससे पशुपालकों की आय और जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आता है। डॉ. सुभाष वर्मा ने भी उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले बकरों के उपयोग से प्रजनन क्षमता और समग्र झुंड प्रदर्शन में सुधार पर जोर दिया, जिससे प्रवासी किसानों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान में सहायता मिलती है।

यह कार्यक्रम वर्ष 2026 में मनाए जा रहे ‘इंटरनेशनल ईयर ऑफ रेंजलैंड्स एंड पास्टोरलिस्ट्स’ के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य चरागाह आधारित आजीविका प्रणालियों के महत्व को रेखांकित करना है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान अन्वेषक डॉ. निशांत वर्मा तथा सह-अन्वेषकों की टीम भी उपस्थित रही और उन्होंने किसानों के साथ संवाद कर प्रवासी बकरी पालन से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की।

किसानों के लिए एक संवाद सत्र का आयोजन भी किया गया, जिसमें फील्ड स्तर की समस्याओं के समाधान और व्यवहारिक प्रबंधन रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया गया।

विधायक आशीष बुटेल ने किसानों को चारा अनुपूरक एवं अन्य आवश्यक सामग्री सहित किट भी प्रदान की, ताकि पशुधन प्रबंधन को और सुदृढ़ किया जा सके। यह पहल स्थानीय नस्लों के आनुवंशिक सुधार, चरागाह प्रणालियों के संरक्षण और हिमालयी क्षेत्र में ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय के निरंतर प्रयासों को प्रतिबिंबित करती है।

इस दौरान विश्विद्यालय के विभिन्न अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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