मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (डिजिटल तकनीक, गवर्नेंस एवं नवाचार) गोकुल बुटेल ने आज पालमपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पालमपुर आईआईटी कैंपस निर्माण को लेकर प्रदेश सरकार और आईआईटी मंडी के मध्य लीज प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया है। करीब 550 कनाल भूमि की लीज डीज हुई है। इसके अलावा करीब 800 कनाल और जमीन लीज की जाएगी। इसे वन स्वकृति के बाद आईआईटी मंडी को सौंपा जाएगा।
उन्होंने कहा कि करीब 1400 कनाल भूमि पर बनने वाले पालमपुर आईआईटी के कैंपस निर्माण में लीज प्रक्रिया पूर्ण होना मील का पत्थर साबित होगी। इसके पश्चात आईआईटी मंडी कैंपस निर्माण को लेकर आगामी प्रक्रिया तेज करेगा। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि कैंपस को लेकर एनआईटी हमीरपुर की ओर से अधिकतर सर्वे पूरा कर लिया गया है।
गोकुल बुटेल ने कहा कि लीज प्रक्रिया के बाद पालमपुर में आईआईटी मंडी के नए कैंपस की राह आसान हो गई है। पालमपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार और तकनीकी नवाचार को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। कांगड़ा जिला और पालमपुर क्षेत्र की आर्थिकी को यह संस्थान बदलने में सक्षम होगा।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से इस संस्थान के निर्माण में गंभीरता दिखाई गई है। इसके चलते ही आज लीज प्रक्रिया पूर्ण हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द कैंपस निर्माण को लेकर आगामी प्रक्रियाएं संस्थान तीव्र गति से पूर्ण करेगा।
गोकुल बुटेल ने लीज प्रक्रिया पूर्ण होने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और तकनीकि शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी का आभार भी जताया।
इस मौके पर आईआईटी मंडी के कुल सचिव कुमार संभव पांडे ने कहा कि पालमपुर कैंपस को सुंदर, भव्य और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने इस मामले पर गोकुल बुटेल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मामले पर बेहद गंभीरता दिखाई है जिसके कारण आज जमीन की लीज प्रक्रिया पूर्ण हो सकी है।
उन्होंने कैंपस निर्माण को तय समय अवधि में शुरु करने की प्रतिबद्धता भी जताई है।
प्रेस वार्ता में नगर निगम आयुक्त नेत्रा मेती, तहसीलदार साजन बग्गा, आईटीआई मंडी के प्रधानाचार्य अजेश कुमार भी मौजूद रहे।
