स्वामी विवेकानन्द सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार ने चिंतपूर्णी अस्पताल की व्यवस्थाओं तथा अस्पताल तक पहुंचने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं।
गौरव कुमार ने कहा कि किसी भी अस्पताल की व्यवस्था केवल भवन खड़ा कर देने से पूरी नहीं होती। मरीज को सुरक्षित और सुगम रास्ते से अस्पताल तक पहुंचना और वहां आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिलना, दोनों स्वास्थ्य व्यवस्था के जरूरी हिस्से हैं। चिंतपूर्णी में अस्पताल तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति इस पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि जिस रास्ते से मरीज, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और एंबुलेंस अस्पताल पहुंचती हैं, अगर वही रास्ता खराब हो तो यह केवल सड़क की समस्या नहीं रह जाती, बल्कि सीधे स्वास्थ्य सुविधा का सवाल बन जाती है। आपात स्थिति में कुछ मिनट भी महत्वपूर्ण होते हैं और खराब सड़क मरीज की परेशानी बढ़ा सकती है।
गौरव कुमार ने कहा कि चिंतपूर्णी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र में जहां स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी पहुंचते हैं, वहां अस्पताल तक पहुंचने वाला मार्ग बेहतर स्थिति में होना चाहिए। एक तरफ विकास और सौंदर्यीकरण की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, दूसरी तरफ मरीज को अस्पताल पहुंचने के लिए खराब रास्ते से गुजरना पड़े,यह विकास की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल है।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि अगर केवल सोशल मीडिया की रीलों और दिखावे की राजनीति तक सीमित रहेंगे, तो जमीन पर खड़ी जनता की समस्याएं कौन उठाएगा? आज चिंतपूर्णी के लोगों को रील नहीं, सड़क चाहिए, अस्पताल की बेहतर व्यवस्था चाहिए।
गौरव कुमार ने कहा कि सरकार और स्थानीय विधायक को “रील के नेता” बनकर रहने के बजाय जनता के असली मुद्दों पर जमीन पर उतरकर काम करना चाहिए। अस्पताल का रास्ता खराब है, मरीज परेशान हैं और मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल हैं, लेकिन इन मुद्दों पर गंभीरता दिखाई देने के बजाय राजनीतिक गतिविधियां और सोशल मीडिया की सक्रियता ज्यादा नजर आती है।
उन्होंने अस्पताल की अन्य मूलभूत कमियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को केवल अस्पताल के भवन और सुविधाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मरीज को जमीन पर मिलने वाली सुविधा का भी मूल्यांकन करना चाहिए। आवश्यक स्टाफ और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
मरीज को अस्पताल चाहिए, बाधा नहीं
गौरव कुमार ने कहा कि सरकार को अस्पताल तक पहुंचने वाले मार्ग की तत्काल समीक्षा और आवश्यक मरम्मत करवानी चाहिए तथा केवल अस्थायी पैबंद लगाने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चिंतपूर्णी की जनता को केवल घोषणाएं नहीं, चलने लायक सड़क, पहुंचने लायक अस्पताल और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधा चाहिए।
गौरव कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व का अर्थ केवल कैमरे के सामने दिखाई देना नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक समस्याओं के बीच खड़े होकर उनका समाधान करवाना है। चिंतपूर्णी की जनता अब यह देखना चाहती है कि अस्पताल की सड़क कब सुधरेगी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमियों पर कब ठोस कार्रवाई होगी।
चिंतपूर्णी में अस्पताल बीमार, सड़क लाचार अस्पताल की मूलभूत कमियों और बदहाल संपर्क मार्ग पर गौरव कुमार ने सरकार से मांगा जवाब
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