आज हम बात करेंगे एक ऐसे मामले की जो प्रशासन की कार्यप्रणाली और सरकारी हेल्पलाइनों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मामला लोअर खैरा का है, जहां एक परिवार अपने ही घर में खौफ के साए में जीने को मजबूर है और प्रशासन गहरी नींद सोया है।
लोअर खैरा के रहने वाले रितेश सूद इन दिनों भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। उनके घर के पास मौजूद नाली पूरी तरह से ब्लॉक हो चुकी है। इस ब्लॉकेज के कारण पानी की निकासी बंद है और सारा पानी सीधे उनके मकान को लग रहा है। लगातार पानी के रिसाव से मकान को गंभीर खतरा पैदा हो गया है, लेकिन कोई उनकी सुध लेने वाला नहीं है।
जब स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो रितेश सूद ने न्याय की उम्मीद में मुख्यमंत्री सेवा संकल्प (CM Helpline) का दरवाजा खटखटाया। उनकी शिकायत दर्ज भी की गई। जैसा कि आप ‘WhatsApp Image 2026-08-30 at 8.17.07 PM.jpeg’ में देख सकते हैं, 17 अगस्त को उन्हें एक मैसेज प्राप्त हुआ। इस मैसेज में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि उनकी शिकायत संख्या 1358980 दर्ज कर ली गई है और इसे संबंधित अधिकारी (Assistant Engineer) को भेज दिया गया है, जिनका संपर्क नंबर 01894228037 भी मैसेज में दिया गया है।
लेकिन, विडंबना देखिए कि आज 14 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। शिकायत को संबंधित अधिकारी तक मार्क तो कर दिया गया, लेकिन धरातल पर एक भी अधिकारी ने मौके का मुआयना करना या समस्या का समाधान करना जरूरी नहीं समझा।
एक तरफ सरकार यह दावा करती है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है, वहीं लोअर खैरा का यह मामला इन दावों की पोल खोल रहा है। रितेश सूद का परिवार आज भी इस डर में है कि कहीं यह पानी उनके आशियाने को कोई बड़ा नुकसान न पहुंचा दे।
अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन कब अपनी कुंभकर्णी नींद से जागता है और इस ब्लॉक नाली को खोलकर रितेश सूद के परिवार को राहत प्रदान करता है। क्या मुख्यमंत्री कार्यालय इस लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगेगा?
