केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर राहत दी, लेकिन राज्य सरकार ₹5 तक अतिरिक्त सेस लगाकर जनता की जेब पर सीधा हमला कर रही है – गौरव कुमार
स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार ने हिमाचल प्रदेश सरकार की हालिया कर नीति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य सरकार की नीतियां आम जनता के हितों के विपरीत साबित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती कर देशभर में राहत देने का प्रयास किया गया, जिससे महंगाई पर कुछ हद तक नियंत्रण संभव हुआ। लेकिन इसके विपरीत हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा ईंधन पर ₹5 तक अतिरिक्त सेस लगाने की तैयारी यह दर्शाती है कि राज्य सरकार इस राहत को निष्प्रभावी करने का काम कर रही है।
गौरव कुमार ने इसे राजस्व बढ़ाने के नाम पर जनता पर बोझ डालने की नीति बताते हुए कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए बार-बार आम नागरिकों पर टैक्स का भार डालना किसी भी जिम्मेदार सरकार की नीति नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले ही आर्थिक चुनौतियों और बढ़ती महंगाई का सामना कर रहा है। परिवहन, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, और ऐसे में ईंधन पर अतिरिक्त सेस लगाने का सीधा असर हर वर्ग-विशेषकर मध्यम वर्ग, किसानों और छोटे व्यापारियों-पर पड़ेगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा
एक तरफ केंद्र सरकार राहत देने का प्रयास कर रही है, वहीं राज्य सरकार उस राहत को खत्म करने में लगी है। यह दोहरी नीति हिमाचल की जनता के साथ अन्याय है और सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करती है।
गौरव कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी वित्तीय कुप्रबंधन और बढ़ते कर्ज को छिपाने के लिए करों में वृद्धि का सहारा ले रही है, जो दीर्घकाल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन दोनों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।
अंत में उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रस्तावित अतिरिक्त सेस को तुरंत वापस लिया जाए और जनता को वास्तविक राहत देने के लिए पारदर्शी एवं जनहितैषी नीतियां अपनाई जाएं।