हिमाचल में चिंतपूर्णी मंदिर के सुगम पास में फर्जीवाड़ा:QR पेमेंट में गड़बड़ी; एक नंबर से कई भुगतान, 80 संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जांच

Prince Kumar
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विश्व प्रसिद्ध श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुरू की गई ‘सुगम पास’ प्रणाली में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। असामाजिक तत्वों ने क्यूआर (QR) कोड और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली में तकनीकी हेर-फेर करके मंदिर न्यास को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया है।

मंदिर अधिकारी संजीव कुमार की शिकायत के बाद पुलिस थाना चिंतपूर्णी में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर विशेषज्ञों ने जांच शुरू कर दी है।

ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज

मंदिर प्रशासन जब 19 जून, 2026 के कंप्यूटर डेटा का रूटीन ऑडिट कर रहा था, तब इस गड़बड़ी का पता चला। रिकॉर्ड खंगालने पर अधिकारियों के होश उड़ गए—कई अलग-अलग ‘सुगम पास’ जारी करने के लिए एक ही ट्रांजैक्शन आईडी (Transaction ID) और एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार इस्तेमाल किया गया था।

तकनीकी रूप से डिजिटल भुगतान प्रणाली में एक ही ट्रांजैक्शन आईडी से दो अलग-अलग भुगतान संभव ही नहीं हैं। हर लेन-देन की अपनी एक यूनिक पहचान संख्या होती है। प्रणाली में एक ही नंबर का बार-बार दर्ज होना यह साफ दर्शाता है कि इसके पीछे सोची-समझी योजना और तकनीकी हेर-फेर शामिल है।

80 संदिग्ध लेन-देन पकड़े गए, लंबी ठगी की आशंका

शुरुआती जांच में मंदिर प्रशासन ने केवल 19 जून के आंकड़ों से ही करीब 80 संदिग्ध लेन-देन पकड़े हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह खेल पिछले काफी समय से चल रहा था। कर्मचारी श्रद्धालुओं से नकदी (Cash) ले लेते थे और सिस्टम में फर्जी ट्रांजैक्शन आईडी डालकर पास जारी कर देते थे। इस तरह श्रद्धालुओं का पैसा मंदिर न्यास के कोष में जाने के बजाय सीधे ठगों की जेब में जा रहा था।

साइबर विशेषज्ञों के हवाले जांच, सॉफ्टवेयर एजेंसी भी रडार पर

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

स्टाफ व एजेंसी से पूछताछ: कंप्यूटर सिस्टम को संभालने वाले कर्मचारियों और सॉफ्टवेयर तैयार करने वाली एजेंसी की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है।

बैंक खातों की ट्रैकिंग: फर्जीवाड़े में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबर और उससे जुड़े बैंक खातों का पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है ताकि मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचा जा सके।

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