हिमाचल प्रदेश के धर्मपुर (सोलन) में दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच हुए कथित टकराव ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। भाजपा प्रदेश मुख्यप्रवक्ता और विधायक राकेश जमवाल ने इस घटना को लेकर प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि खराब करने वाले अपने पदाधिकारियों को बचाने के लिए कानून की मर्यादाएं लांघ रही है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में आयोजित एआई समिट (AI Summit) के दौरान हुए एक प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली पुलिस रोहड़ू के तीन युवा कांग्रेस पदाधिकारियों को गिरफ्तार करने पहुंची थी। आरोप है कि सोलन के धर्मपुर में हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस की इस वैधानिक कार्रवाई में हस्तक्षेप किया और दिल्ली पुलिस के जवानों को ही हिरासत में ले लिया।
जमवाल के तीखे प्रहार: मुख्य बिंदु
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व्यवस्था पर सवाल: राकेश जमवाल ने इसे हिमाचल के इतिहास की पहली ऐसी घटना बताया जहां एक राज्य की पुलिस ने दूसरे राज्य की पुलिस को रोका। उन्होंने इसे “व्यवस्था परिवर्तन” के बजाय “गुंडाराज” करार दिया।
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अपराधियों को संरक्षण: भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का अपमान करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बचाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी सक्रिय है।
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निष्पक्ष जांच की मांग: उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके दबाव में हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस की टीम के खिलाफ यह कदम उठाया? जमवाल ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कांग्रेस का चरित्र उजागर: भाजपा
जमवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस का असली चेहरा अब जनता के सामने आ गया है। उन्होंने कहा, “एक तरफ कांग्रेस संविधान और राष्ट्रवाद की दुहाई देती है, वहीं दूसरी तरफ देश के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले तत्वों को खुला संरक्षण दे रही है।”
भाजपा ने चेतावनी दी है कि वह कानून के शासन और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाएगी और सरकार को जनता के सामने जवाबदेह बनाएगी।