शारदीय नवरात्रि में हिमाचल प्रदेश के रामपुर उपमंडल की कुहल पंचायत क्षेत्र में 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित श्राईकोटी माता मंदिर में श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जहां सदियों पुरानी मान्यता के अनुसार पति-पत्नी को न तो एक साथ मंदिर में प्रवेश की अनुमति है और न ही संयुक्त पूजा-अर्चना की, क्योंकि विश्वास है कि दंपत्ति के साथ आने से वैवाहिक जीवन में कलह हो सकती है, वहीं निसंतान महिलाओं को यहां संतान प्राप्ति का वरदान भी मिलता है, नवरात्रि में सुबह चार बजे पुजारी प्राचीन कुओं से जल लाकर माता का स्नान व श्रृंगार करते हैं, इसके बाद विशेष पूजा होती है और श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगती है, जबकि शिव पुराण से जुड़ी कथा के अनुसार गणेश-कार्तिकेय प्रसंग में कार्तिकेय के क्रोधवश दिए गए श्राप के कारण आज भी विवाहित जोड़े अलग-अलग समय या दिनों में ही माता श्राईकोटी के दर्शन करते हैं।