प्रशासनिक अधिकारियों पर मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान पर सियासत तेज हो गई है। मामले में सरकार के चार मंत्रियों, एक विधायक, विपक्ष के नेता सहित एक पूर्व आईपीएस का बयान सामने आया है। अब सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। अनुराग ठाकुर ने शनिवार को ऊना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हिमाचल में जब से कांग्रेस सरकार बनी है, जहां एक ओर आपदा हर साल कहर बरपा रही है। वहीं कानून व्यवस्था चरमरा गई है। जहां राजनीतिज्ञ, कर्मचारियों-अधिकारियों में तालमेल बेहतर होना चाहिए… वहां तालमेल कम तनाव ज्यादा दिखता है। कहा कि सरकार के कामकाज पर बड़े प्रश्नचिन्ह सरकार के मंत्री ही खड़ा कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि क्या यह तनाव एक बड़े बिखराव की ओर कांग्रेस व इस सरकार को लेकर जाएगा? क्या यह तनाव प्रदेश के रुके कामकाज को और ठप करके दिखाएगा, हिमाचल को और बड़े कर्ज में डुबोएगा? क्या यह तनाव मुख्यमंत्री व मंत्रियों के बीच इसी कदर बढ़ता जाएगा? अनुराग ने कहा कि यह तनाव अब इस कदर बढ़ गया है कि एक मंत्री सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है, दूसरा मंत्री उसे काउंटर करता है, तीसरा मंत्री पहले वाले का समर्थन करता है। मुख्यमंत्री का बयान कुछ और आता है। इतना बिखरा हुआ कुनबा आज तक किसी सरकार में नहीं दिखा। यह कहीं न कहीं एक किसी बड़े कदम की ओर से इशारा करता है। आखिरकार यह मंत्रियों की लड़ाई, तनाव एक दिन में तो हुआ नहीं, ऐसे काैन से निर्णय हुए। यदि अधिकारी प्रदेश हित में काम नहीं कर रहे तो क्या बाहरी व राज्य में बांटकर उन्हें अलग-अलग करना है?
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