आयुष विभाग द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) संसाल में शनिवार को आयुष ग्राम कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला आयुर्वेद अधिकारी कांगड़ा डॉ. बृज नंदन शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
इस दौरान राजीव गांधी राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक महाविद्यालय पपरोला की डॉ. कुलविंदर कौर ने औषधीय पौधों के महत्व पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने ग्रामीणों को अपने आसपास उपलब्ध औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण व उपयोग के बारे में जागरूक किया। वहीं कृषि विभाग के सचिन शर्मा ने प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर देते हुए किसानों को रसायन मुक्त खेती के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने “आयुर्वेद – संक्षिप्त परिचय पत्रिका” का विमोचन भी किया। साथ ही ग्रामीणों को नीम, अर्जुन, जामुन, आंवला, तेजपत्ता व करंज सहित विभिन्न औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण जैविक खाद के साथ किया गया, ताकि लोग इन्हें अपने घरों व खेतों में उगा सकें।
आयोजन के अंतर्गत निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जिसमें शल्य, शालाक्य, स्त्री रोग, शिशु रोग, त्वचा एवं सामान्य रोग विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं। शिविर में कुल 233 मरीजों ने उपचार व परामर्श का लाभ उठाया। इसके अतिरिक्त मरीजों की शुगर व हीमोग्लोबिन की जांचें भी की गईं। विशेष रूप से पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया।कार्यक्रम के दौरान योग सत्रों का आयोजन कर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।मुख्य अतिथि डॉ. बृज नंदन शर्मा ने कहा कि आयुष ग्राम कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना तथा लोगों को प्राकृतिक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा और वे स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग कर सकेंगे।इस मौके पर उपमंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी बैजनाथ डॉ. सुनील कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. सुबिता देवी सहित आयुष विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
Leave a Comment