नीट पर कांग्रेस का प्रदर्शन महज राजनीतिक ड्रामा : बलबीर सिंह

Prince Kumar

स्पर्श शर्मा, अम्ब (ऊना):
पूर्व विधायक व भाजपा के वरिष्ठ नेता बलबीर सिंह ने अम्ब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस पार्टी और स्थानीय विधायक पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बीते दिन नीट (NEET) परीक्षा के विरोध में कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन को केवल एक ‘राजनीतिक ड्रामा’ करार दिया। बलबीर सिंह ने कहा कि जिस कांग्रेस के अपने शासनकाल में पुलिस भर्ती सहित दर्जनों भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय अधिकारियों को ऊंचे पदों से नवाजा गया, वह आज किस मुंह से प्रदर्शन कर रही है।

नीट पर केंद्र सरकार ने की त्वरित व कठोर कार्रवाई

बलबीर सिंह ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार युवाओं के भविष्य के प्रति पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए कहा कि 3 मई को नीट परीक्षा हुई और 7 मई को गड़बड़ी का इनपुट मिलते ही 12 मई को सीबीआई (CBI) जांच सौंप दी गई। 15 मई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देश के युवाओं से संवाद कर परीक्षा रद्द की और 21 जून को नई व पारदर्शी प्रणाली (PPT मोड) के तहत पुन: परीक्षा आयोजित करवाई गई। उन्होंने कहा कि सीबीआई अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा तथा फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सख्त सजा दिलाई जाएगी।

विदेशी फंडिंग पर रोक से बौखलाया विपक्ष

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, कम्युनिस्ट और अन्य विपक्षी दल युवाओं को भड़काकर अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20 तारीख से जंतर-मंतर पर शुरू हुए प्रदर्शनों के पीछे की असली वजह एफसीआरए (FCRA) कानून में संशोधन है। केंद्र सरकार द्वारा विदेशी और यूएस (US) फंडिंग पर शिकंजा कसने से बौखलाए विपक्षी दल अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए देश भर में बेवजह का बवेला खड़ा कर रहे हैं।

विकास कार्यों में पूरी तरह विफल रहे स्थानीय विधायक

बलबीर सिंह ने स्थानीय विधायक और प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले लगभग पौने चार वर्षों में चिंतापूर्णी विधानसभा क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ गया है। विधायक तीन-तीन योजना बैठकों में शिमला गए, लेकिन क्षेत्र की सड़कों या विकास योजनाओं के लिए एक भी नई डीपीआर (DPR) या बजट मंजूर नहीं करवा सके। उन्होंने कहा कि बीडीसी व स्थानीय संस्थाओं के चुनावों को टालकर और जनविरोधी नीतियां अपनाकर कांग्रेस अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश कर रही है।

Share This Article
Leave a Comment